भारत सरकार (कार्य आबंटन) नियमावली, 1961 के अंतर्गत श्रम और रोजगार मंत्रालय को आबंटित विषय

 

भाग-I संघ विषय

  1. संघीय रेलवे के संबंध में मजदूरी संदाय, व्यवसाय-विवाद, कारखाना अधिनियम के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के लिए काम के घंटे और बालकों के नियोजन का विनियमन।

  2.  गोदियां की बाबत-गोदी श्रम से संबंधित सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्या उपायों का विनियमन

  3. खानों और तेल क्षेत्रों में श्रम और सुरक्षा का विनियमन।

 

भाग-II समवर्ती विषय  

  1. कारखानें।

  2. श्रम कल्या- श्रम की औद्योगिक, वाणिज्यिक और कृषि संबंधी दशायें, भविष्य निधियाँ, परिवार पेंशन, उपदान, नियोक्ता का दायित्व और कर्मकार और कर्मकार प्रतिकर; स्वास्थ्य और चिकित्सा बीमा जिसमें अशक्तता पेंशन, वार्धक्य पेंशन, कारखानों में कार्यदशाओं का सुधार सम्मिलित है; औद्योगिक उपक्रमों में कैंटीनें।

  3.  बेरोजगारी बीमा।

  4. व्यवसाय संघ; उद्योग और श्रम संबंधी विवाद।

  5. श्रम संबंधी आंकड़े।

  6. ग्रामी रोजगार और बेरोजगारी के छोड़कर रोजगार और बेरोजगारी।

  7. शिल्पकारों का व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण।

 

भाग -III हिमाचल प्रदेश, मिणपुर, त्रिपुरा राज्यों और दिल्ली संघ राज्य क्षेत्र के लिए अतिरिक्त कार्य।

  1. उपर्युक्त भाग-II में विर्णत मदें।

 

भाग -IV उपर्युक्त भाग I,II और III में वर्णत मामलों में से किसी के संबंध में आनुषंगिक कार्य।  

  1. अन्य देशों से की गई संधियों और करारों का कार्यान्वयन।

  2. केन्द्रीय सरकार के सभी औद्योगिक अधिकर/श्रम न्यायालयों का अधिकार क्षेत्र और शक्तियाँ।

 

भाग -V प्रकीर्ण कार्य  

  1. रोजगार कार्यालय।

  2. भारत में और विदेशों में दोनो जगह, पर्यवेक्षीय स्तर पर अनुदेशकों, शिल्पकारों, तकनीशियनों और फोरमेन के प्रशिक्ष के लिए स्कीमें, शिक्षु प्रशिक्षण।

  3. अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन।

  4. त्रिपक्षीय श्रम सम्मेलन।

  5. युद्ध क्षति (प्रतिकर बीमा) अधिनियम, 1943 (1943 का 23 ) और स्कीमें।

  6. कोयला खानों से भिन्न, खानों में सुरक्षा और कल्या से संबंधित विधियों का; और खान और अभ्रक खान कल्याण के मुख्य निरीक्षक के संगठनों का प्रशासन।

  7. भारतीय गोदी श्रमिक अधिनियम, 1934  और उसके अधीन बनाए गए विनियम और गोदी कर्मकार (नियोजन का विनियमन) अधिनियम, 1948 (1948 का 9) के अधीन निर्मित डॉक कर्मकार (सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्या), स्कीम 1961 का प्रशासन।

  8. चाय जिला उत्प्रवासी श्रम (निरसन) अधिनियम, 1970  (1970 का 50) और उत्प्रवासी श्रम नियंत्रक के संगठन का प्रशासन।

  9. न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 (1948 का 11) का प्रशासन।

  10. कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948  (1948 का 34), कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 (1952 का 19) तथा उपदान संदाय अधिनियम, 1972 (1972 का 39) का प्रशासन

  11.  केन्द्रीय क्षेत्र के उपक्रमों में श्रम विषयक विधियों का प्रशासन।

  12. श्रम संबंधी आंकड़े; श्रम ब्यूरो के निदेशक का संगठन।

  13. मुख्य श्रम आयुक्त का संगठन और केन्द्रीय सरकार औद्योगिक अधिकर, केन्द्रीय सरकार श्रम न्यायालयें, राष्ट्रीय औद्योगिक अधिकरण का गठन और प्रशासन।

  14. कारखानों के मुख्य सलाहकार का संगठन कर्मचारियों का प्रशिक्ष प्रभाग, जिसके अंतर्गत केन्द्रीय श्रम संस्थान उत्पादकता और उद्योग केन्द्रों के भीतर उत्पादकता और प्रशिक्ष तथा सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के प्रादेशिक संग्रहालय शामिल भी है।

  15. बागान श्रमिक और बागान श्रम अधिनियम, 1951 (1951 का 69) का प्रशासन।

  16. केन्द्रीय सरकार के श्रम अधिकारियों की भर्ती तैनाती, स्थानांतर और प्रशिक्षण।

  17. श्रमजीवी पत्रकार और अन्य समाचार-पत्र कर्मचारी (सेवा की शर्तें) और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1955 (1955 का 45) का प्रशासन।

  18.  कर्मकारों की शिक्षा संबंधी स्कीमें।

  19. प्रबंध में कर्मकारों के भाग लेने के संबंध में स्कीमें।

  20. उद्योग में अनुशासन।

  21.  अलग-अलग उद्योगों के लिए मजदूरी बोर्डों का गठन।

  22. मोटर परिवहन कर्मकारों के काम  की दशाओं का विनियमन।

  23. देश में श्रम विषयक विधियों के कार्यान्वयन का मूल्यांकन।

  24. सिनेमा कर्मकारों और सिनेमा थियेटर कर्मकारों के काम की दशाओं और उनके कल्या से संबंधित विधियों का प्रशासन।

  25. प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कार, राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार (खानों और कारखानों के लिए), राष्ट्रीय विश्वकर्मा पुरस्कार।

  26. भवन और अन्य संनिर्मा कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996 (1996 का 27) और भवन और अन्य संनिर्मा कर्मकार उपकर अधिनियम, 1996 (1996 का 28)

  27. बिक्री संवर्धन कर्मचारी ( सेवा-शर्त) अधिनियम, 1976 (1976 का 11)